राजस्थान में भी पशुपालन को मिले कृषि का दर्जा: 13 लाख परिवारों को होगा लाभ, 24 अगस्त को अजमेर में जुटेंगे पशुपालक
अजमेर, 14 जुलाई।
राजस्थान में पशुपालन को कृषि का दर्जा देने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। अजमेर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (अजमेर डेयरी) के अध्यक्ष और प्रदेश भर के पशुपालकों की आवाज बन चुके रामचंद्र चौधरी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की है कि महाराष्ट्र की तर्ज पर राजस्थान में भी पशुपालन को कृषि के समकक्ष मान्यता दी जाए।
महाराष्ट्र में भाजपा सरकार ने हाल ही में पशुपालन को कृषि का दर्जा देकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया, जिससे वहां के पशुपालकों को कृषि क्षेत्र की तमाम योजनाओं, अनुदानों और रियायतों का लाभ मिलना शुरू हो गया है। अब इसी मॉडल को राजस्थान में लागू करने की मांग की जा रही है। चौधरी ने स्पष्ट कहा कि जब महाराष्ट्र में यह कदम उठाया जा सकता है, तो राजस्थान की भाजपा सरकार को भी इस दिशा में गंभीरता दिखानी चाहिए।
राजस्थान में लगभग 13 लाख परिवार पशुपालन से आजीविका अर्जित करते हैं, लेकिन उन्हें अब तक कृषि की सुविधाओं से वंचित रखा गया है। चौधरी ने कहा कि यदि पशुपालन को कृषि का दर्जा मिल जाता है तो पशुपालकों को बिजली दरों, स्थानीय कर, ऋण सब्सिडी, सौर ऊर्जा योजनाओं और क्रेडिट कार्ड ऋण जैसी अनेक योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
पशुपालकों को मिलेंगे ये लाभ:
- पोल्ट्री फार्म, डेयरी, बकरी-भेड़ और सूअर फार्म अब कृषि दरों पर बिजली और सौर पंप की सुविधा के पात्र होंगे।
- किसान क्रेडिट कार्ड पर लिए गए पशुपालन ऋण पर 4% तक ब्याज छूट।
- स्थानीय निकायों द्वारा लगाए जाने वाले कर कृषि दर के अनुरूप होंगे।
- सौर ऊर्जा उपकरणों की स्थापना पर कृषि क्षेत्र के अनुरूप सब्सिडी का लाभ।
चौधरी ने इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्रियों भूपेंद्र यादव, गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुनराम मेघवाल और भागीरथ चौधरी से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान से जुड़े ये केंद्रीय मंत्री राज्य सरकार पर आवश्यक दबाव बनाएं ताकि यह निर्णय जल्द से जल्द अमल में आ सके। विशेष रूप से भागीरथ चौधरी, जो वर्तमान में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं, उनकी भूमिका इस दिशा में निर्णायक हो सकती है।
24 अगस्त को अजमेर में विशाल पशुपालक सम्मेलन
राजस्थान भर के पशुपालकों को एकजुट करते हुए रामचंद्र चौधरी ने घोषणा की है कि 24 अगस्त को अजमेर के आजाद पार्क में एक विशाल आमसभा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाया जाएगा कि पशुपालन को कृषि का दर्जा देने का निर्णय शीघ्र लिया जाए।
इस आमसभा में कांग्रेस के शीर्ष नेता जैसे प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को भी आमंत्रित किया गया है।
इस मुद्दे को लेकर चल रहा यह जनआंदोलन राजस्थान के पशुपालकों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक समानता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।