पंचायत समितियों भिनाय, लाडनूं, टोंक, मालपुरा, डीडवाना एवं डेगाना तथा कृषि उपज मंडी समिति मालपुरा सहित विभिन्न संस्थाओं से संबंधित अंकेक्षण आक्षेपों एवं वसूली प्रकरणों की समीक्षा कर नवीनतम स्थिति पर

पंचायत समितियों भिनाय, लाडनूं, टोंक, मालपुरा, डीडवाना एवं डेगाना तथा कृषि उपज मंडी समिति मालपुरा सहित विभिन्न संस्थाओं से संबंधित अंकेक्षण आक्षेपों एवं वसूली प्रकरणों की समीक्षा कर नवीनतम स्थिति पर
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अंकेक्षण आक्षेपों के त्वरित निस्तारण से वित्तीय पारदर्शिता होगी मजबूत - संभागीय आयुक्त

स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की संभागीय प्रशासनिक समिति की बैठक सम्पन्न, लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा

अजमेर, 30 जुलाई। संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने कहा कि सुशासन की गुणवत्ता प्रभावी अंकेक्षण व्यवस्था में परिलक्षित होती है। वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमित ऑडिट अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बकाया अंकेक्षण आक्षेपों एवं वसूली प्रकरणों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा राजकीय धन के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता, मितव्ययता एवं उत्तरदायित्व बनाए रखा जाए।

यह निर्देश गुरुवार को संभागीय आयुक्त कार्यालय अजमेर में आयोजित स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की संभागीय प्रशासनिक समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने दिए। बैठक में संभाग की स्वायत्तशासी संस्थाओं एवं पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित लंबित अंकेक्षण आक्षेपों, वसूली प्रकरणों तथा विभिन्न अंकेक्षण प्रतिवेदनों की अनुपालना की विस्तृत समीक्षा की गई।

संभागीय आयुक्त राठौड़ ने कहा कि सामान्य आक्षेपों के साथ-साथ ‘ए’ एवं ‘बी’ श्रेणी के आक्षेपों, गबन प्रकरणों तथा अन्य लंबित ऑडिट मामलों का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवश्यकतानुसार विशेष शिविर एवं कैम्प आयोजित कर लंबित प्रकरणों का समाधान किया जाए तथा वसूली संबंधी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समय पर अनुपालना रिपोर्ट प्रेषित की जाए।

उन्होंने कहा कि अंकेक्षण प्रतिवेदनों की पालना करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न किए जाएं, ताकि प्रकरणों का त्वरित निस्तारण संभव हो सके। जिन कार्यालयों की प्रगति अपेक्षाकृत कम है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लंबित आक्षेपों का समाधान करना चाहिए। ऎसे कार्यालयों की नियमित समीक्षा कर प्रतिमाह प्रगति की निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से लेखा नियमों, वित्तीय प्रक्रियाओं एवं अनुशासन संबंधी प्रावधानों का अद्यतन ज्ञान बनाए रखने का भी आह्वान किया, जिससे भविष्य में आक्षेपों की संभावना न्यूनतम रहे।

बैठक में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त श्रीमती दीप्ती शर्मा ने अधिकारियों से अंकेक्षण आक्षेपों के निस्तारण के लिए गंभीरता एवं मनोयोग से कार्य करने का आग्रह किया। स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग के अतिरिक्त निदेशक ने संभाग में अंकेक्षण कार्यों की प्रगति तथा लंबित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति से समिति को अवगत कराया।

बैठक में अजमेर विकास प्राधिकरण, राजस्थान आवासन मंडल नागौर, नगर निगम अजमेर एवं भीलवाड़ा, नगर परिषद नागौर, पुष्कर, ब्यावर एवं केकड़ी, नगर पालिका मालपुरा एवं डीडवाना, पंचायत समितियों भिनाय, लाडनूं, टोंक, मालपुरा, डीडवाना एवं डेगाना तथा कृषि उपज मंडी समिति मालपुरा सहित विभिन्न संस्थाओं से संबंधित अंकेक्षण आक्षेपों एवं वसूली प्रकरणों की समीक्षा कर नवीनतम स्थिति पर चर्चा की गई।

बैठक में अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, टोंक, ब्यावर तथा डीडवाना-कुचामन जिलों की स्वायत्तशासी एवं पंचायती राज संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।

admin - awaz rajasthan ki

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