विधानसभा के 16 सत्र से पहले 18 अगस्त को होगी सर्वदलीय बैठक, स्पीकर देवनानी ने बुलाई बैठक
जयपुर, 05 अगस्त। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के षष्ठम सत्र को सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक मंगलवार, 18 अगस्त को सुबह 11 बजे विधानसभा भवन में आयोजित होगी। उल्लेखनीय है कि राजस्थान विधानसभा का षष्ठम सत्र 20 अगस्त से शुरू होने जा रहा है।
सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने वाले पहले विधानसभा अध्यक्ष बने देवनानी
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की यह पहल राजस्थान विधानसभा के इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। देवनानी प्रदेश के पहले विधानसभा अध्यक्ष हैं, जिन्होंने विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले सर्वदलीय बैठक आयोजित करने की पहल की है।
देवनानी ने कहा कि विधानसभा जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने का पवित्र मंच है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी दलों के विधायकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सर्वदलीय बैठक अहम भूमिका निभाती है।
मुख्यमंत्री सहित प्रमुख नेताओं को भेजा गया निमंत्रण
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, मुख्य सचेतक प्रतिपक्ष रफीक खान, विधायक डॉ. सुभाष गर्ग, मनोज कुमार और थावर चंद को आमंत्रित किया गया है। इसके लिए विधानसभा सचिवालय की ओर से सभी को पत्र भेजे गए हैं।
लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने का माध्यम
देवनानी ने कहा कि सर्वदलीय बैठक लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। इससे सभी राजनीतिक दलों की सहभागिता सुनिश्चित होती है और जनहित के विषयों पर सार्थक चर्चा का वातावरण तैयार होता है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने के लिए सभी दलों की सहमति और सहयोग जरूरी है। सर्वदलीय बैठक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
देवनानी की अध्यक्षता में सातवीं सर्वदलीय बैठक
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में सोलहवीं विधानसभा में यह सातवीं सर्वदलीय बैठक होगी। इससे पहले छह बैठकें आयोजित हो चुकी हैं।
देवनानी ने कहा कि सर्वदलीय बैठकों की परंपरा संसदीय संवाद, आपसी समन्वय और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम रही है। पूर्व में आयोजित बैठकों से विभिन्न दलों के बीच बेहतर तालमेल विकसित हुआ है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी सर्वदलीय बैठक से षष्ठम सत्र का संचालन अधिक सुव्यवस्थित, गरिमापूर्ण और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। इससे विधानसभा जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक प्रभावी और उत्तरदायी भूमिका निभा सकेगी।