मंत्री के नाम पर धमकाने के आरोप में पंचायतीराज विभाग के एसीई के अधिकार सीज, जांच कमेटी गठित
जयपुर। पंचायतीराज विभाग के मुख्यालय में तैनात अतिरिक्त मुख्य अभियंता (एसीई) मुकेश माहेश्वरी के खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की गंभीर शिकायतों के बाद विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए उनके सभी विभागीय अधिकार (पावर) सीज कर दिए हैं। साथ ही उनके समस्त कार्य तत्काल प्रभाव से वापस लेते हुए विभागीय जांच पूरी होने तक किसी भी सरकारी कार्य के निष्पादन पर रोक लगा दी गई है।
विभाग द्वारा मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूरी होने तक माहेश्वरी किसी भी विभागीय कार्य का संचालन नहीं करेंगे।
जानकारी के अनुसार, राजस्थान पंचायतीराज सेवा परिषद (बारां) ने जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अतिरिक्त मुख्य अभियंता मुकेश माहेश्वरी के दौरों एवं निरीक्षणों के पूर्ण बहिष्कार की घोषणा की थी। परिषद ने आरोप लगाया कि माहेश्वरी स्वच्छ भारत मिशन के प्रभारी के रूप में बिना किसी पूर्व सूचना अथवा अधिकृत नोटिस के बारां और कोटा जिलों का दौरा करते थे तथा निरीक्षण के दौरान पांच वर्षों के पुराने रिकॉर्ड मांगकर जानबूझकर कमियां निकालते थे।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से राशि की मांग की जाती थी और मांग पूरी नहीं होने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में प्रकरण दर्ज कराने, निलंबित करवाने तथा नौकरी खराब करने की धमकी दी जाती थी। कर्मचारियों का आरोप है कि निरीक्षणों के दौरान मंत्री के नाम का भी दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
विभागीय आदेश के अनुसार, मुकेश माहेश्वरी के सभी कार्यभार अब मुख्यालय के अधीक्षण अभियंता अरविंद सक्सेना को सौंप दिए गए हैं।