ग्रामीण क्षेत्रों में 15 अगस्त से सिंगल यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू होगा : पंचायती राज मंत्री
ग्रामीण क्षेत्रों में 15 अगस्त से सिंगल यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू होगा : पंचायती राज मंत्री
जयपुर, 4 अगस्त। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण, पशुधन और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित प्रयास करते हुए प्लास्टिक मुक्त राजस्थान के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में ठोस और परिणाममुखी कार्य करें। उन्होंने ये निर्देश मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज विभाग के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में पंचायती राज राज्य मंत्री श्री ओटाराम देवासी भी उपस्थित रहे।
मंत्री दिलावर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए 30 सितंबर तक पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि यह नीति भविष्य में प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण तथा उसके विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना का आधार बनेगी।
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त से राज्यभर के ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के लिए विशेष जनजागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान संचालित किया जाए। अभियान में पंचायती राज संस्थाओं, ग्राम पंचायतों तथा सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि जनसहभागिता के माध्यम से इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। दिलावर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पॉलिसी तैयार होती है, तब तक वर्तमान में लागू नियमों एवं कानूनी प्रावधानों के तहत सिंगल यूज़ प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री एवं उपयोग के विरुद्ध नियमित निरीक्षण कर प्रभावी एवं सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी सरकारी विभागों एवं कार्यालयों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के लिए आवश्यक आदेश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय स्वयं सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त कार्यसंस्कृति अपनाकर समाज के लिए प्रेरणा बनें।
उन्होंने कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है। इसके लिए ग्राम पंचायतों, स्थानीय निकायों, विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं संबंधित विभागों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि आमजन कपड़े, जूट तथा अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित हों।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की निदेशक सलोनी खेमका सहित स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उद्योग विभाग, परिवहन विभाग के अधिकारी तथा यूनिसेफ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।