शाहपुरा क्षेत्रवासी नहीं चाहते भीलवाड़ा जिले में जाना। आंदोलन जारी

शाहपुरा क्षेत्रवासी नहीं चाहते भीलवाड़ा जिले में जाना। आंदोलन जारी
Spread the love

जिला बचाओ आंदोलन…
मानव श्रृंखला बनाकर जताया विरोध।
धरने पर बैठे स्टांप वेंडर, प्रलेख लेखक, प्रतिष्ठान बंद रखें।
शाहपुरा क्षेत्रवासी नहीं चाहते भीलवाड़ा जिले में जाना, जिला हमारा ही कायम रहे, मांग पर अड़े।
कवितापाठ, राष्ट्रभक्ति गीतों ने भरा जोश।

भू-कारोबारी बैठेंगे रविवार को धरने पर

शाहपुरा,18जनवरी। जिला बचाने के आंदोलन के तहत शनिवार को प्रातः स्टांप वेंडर, प्रलेख लेखक तथा अभिभाषक संस्था के अधिवक्ताओं ने त्रिमूर्ति सर्किल पर मानव श्रृंखला बनाकर राजस्थान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान त्रिमूर्ति सर्किल से उपखण्ड कार्यालय के बाहर धरना स्थल तक हाथों में तख्तियां, बैनर लेकर पैदल रैली निकाली।

रैली बाद में सभास्थल में परिवर्तित हो गई।
सभा को संबोधित करते हुए शाहपुरा बचाओ संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गालाल राजौरा ने शाहपुरा विधायक लाला राम बैरवा का नाम लिए बिना कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि अगर क्षेत्र का होता तो क्षेत्रवासियों की पीड़ा समझता बाहरी व्यक्ति होने से जिला जाने का दर्द वे नहीं समझ पाए। स्टांप वेंडर एसोसिएशन अध्यक्ष एवं भाजपा नेता भगवान सिंह यादव ने मंच से क्षेत्र के भाजपा नेताओं के साथ कार्यकर्ताओं से अपील की कि शाहपुरा हम सभी का है शाहपुरा जिला बचाने के लिए आंदोलन में सभी को आने का आव्हान किया। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रणवीर सिंह चौहान ने कहा कि क्षेत्र के मतदाताओं ने विधायक बैरवा को 60 हजार मतों से इस उम्मीद से जिताकर विधानसभा में भेजा की क्षेत्र के लोगों का भला करेगा। जिला समाप्ति के बाद विधायक एक बार भी शाहपुरावासियों का पक्ष सरकार के सामने नहीं रखा।
शाहपुरा क्षेत्रवासी नहीं चाहते भीलवाड़ा जिले में जाना: सभा में आंदोलन के संयोजक रामप्रसाद जाट, रामेश्वर लाल सोलंकी, कमलेश मुंडिया, संदीप जीनगर, अविनाश शर्मा, हाजी उस्मान मोहम्मद, नमन ओझा, अंकित शर्मा, दीपक मीणा, गोविंद सिंह हाडा, रामस्वरूप खटीक, सुनील मिश्रा, रमेश मालू, शिव प्रकाश सोमानी, राजू खटीक आदि ने कहा कि गांव गांव व सभी क्षेत्रवासियों में सरकार के खिलाफ इतना गुस्सा है कि शाहपुरा क्षेत्रवासी अब भीलवाड़ा जिले में नहीं जाने की बात पर अड़ते हुए सरकार से शाहपुरा को पुनः जिले का दर्जा देने की मांग पर आमादा है।
धरने पर बैठे स्टांप वेंडर, प्रलेख लेखक: धरने के 10 वें दिन एसडीएम कार्यालय के बाहर शाहपुरा के स्टांप वेंडर अध्यक्ष भगवान सिंह यादव तथा संघर्ष समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजौरा की अगुवाई में धरने पर सुनील शर्मा, अविनाश शर्मा, रामकरण कुमावत, अतुल पारीक, नेहा शर्मा, रवि पटवा, महेंद्र सिंह, सुनीलदत्त पाराशर, अरुण राव एवं प्रलेख लेखक रवि शंकर उपाध्याय, मूलचंद पेसवानी, रमेश चन्द्र मालू, दिनेश बंटी शर्मा, सुनील गुणाकर, विनोद पाराशर, राधे शर्मा, नरेश कोली, ओमप्रकाश, कमलेश गाडरी, राहुल कुमावत, महेद्र कहार, रामलाल खारोल, सुरेश बैरवा, महेंद्र बैरवा, नारायण भील आदि बैठकर प्रदर्शन किया।
जिसको गद्दी पर बिठाया, वो बड़ा
खुद गर्ज निकला, दर्द को अपना ना समझा वो बड़ा बेदर्द निकला…
..
धरना देते प्रलेख लेखक व कवि दिनेश बंटी शर्मा ने आमसभा में सरकार तथा जनप्रतिनिधियों पर व्यंग कसते हुए कविता पाठ करते हुए बोला कि जनता ने जिसको गद्दी पर बिठाया, वो बड़ा
खुद गर्ज निकला, दर्द को अपना ना समझा वो बड़ा बेदर्द निकला…
..। शाहपुरा का स्वाभिमान फिर लाना होगा नहीं झुके सरकार को जाना होगा…, हम सभी ने जोश मन में भर लिया है, अब मन क्रांति और आक्रोश के सागर सा भरा है…। कवि शर्मा की व्यंग्यात्मक पंक्तियां ने सभा में उपस्थित लोगों में जोश भर गया और जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए। इस दौरान प्रलेख लेखक अतुल पारीक आदि ने राष्ट्रभक्ति गीतों के माध्यम से लोगों में आंदोलन की नई ऊर्जा भर दी।
प्रतिष्ठान बंद रहे: स्टांप वेंडरों के एक दिवसीय धरने पर बैठने के दौरान सभी ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखें। एल आर मार्केट पूरी तरह बंद रहा। वही प्रलेख लेखकों ने दिनभर अपना लेखन कार्य स्थगित रखा।
भू-कारोबारी बैठेंगे धरने पर: संघर्ष समिति महासचिव कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि रविवार को शाहपुरा के भू-कारोबारी आंदोलन में उतरते हुए उपखण्ड कार्यालय के बाहर धरना देंगे।

Dev Krishna Raj Parashar - Shahpura

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *